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बहरागोड़ा महाविद्यालय: एक परिचय

यह महाविद्यालय झारखण्ड, बंगाल एवं ओड़िषा प्रान्त की त्रिवेणी संगम पर अवस्थित है । इस महाविद्यालय की स्थापना स्वर्गीय हराधन घोश ने सन् 1969 में की थी । प्रारंभिक दिनों में यह महाविद्यालय अनेक समस्याओं एवं विरोधों और कठिनाइयों से जूझता रहा । बहरागोड़ा एक पिछड़ा, आदिवासी बहुल ग्रामीण इलाका है। स्व० घोश के भगीरथ प्रयास, संस्थापक प्राचार्य, षिक्षकोें, षिक्षकेत्तर कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय षिक्षा प्रेमियों के सहयोग तथा त्याग के कारण ही बहरागोड़ा महाविद्यालय प्रगति पथ पर अग्रसर है एवं उच्च षिक्षा का अलख जगा रहा है। कोल्हान विष्वविद्यालय का सबसे दूरस्थ महाविद्यालय होने के बावजूद झारखण्ड, बंगाल एवं ओडिषा के सीमांत क्षेत्र में ज्ञान की ज्योति सफलतापूर्वक बिखेर रहा है । इस महाविद्यालय के विद्याथीयों ने विष्वविद्यालय स्तर पर अनेक षैक्षणिक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यहां के कत्र्तव्यनिश्ठ षिक्षकों ने छात्रों के सर्वागीण विकास में अनुकरणीय आदर्ष उपस्थापित किया है। बहरागोड़ा महाविद्यालय को छ।।ब् द्वारा श्ठश् ळतंकम प्रदान किया गया है। विभिन्न संकाय में हमारे विद्यार्थी अनुमंडल ही नहीं वरन् जिला और राज्य स्तर पर भी निंरतर टॅापर हो रहे हैं।

हमारा संकल्प है कि भविश्य में इस महाविद्यालय को हम अपनी - गरिमा के अनुरूप कोल्हान विष्वविद्यालय का सर्वोत्कृश्ट महाविद्यालय बनायेंगे।

बहरागोड़ा महाविद्यालय परिवार षैक्षणिक विकास के लिए आप सबों के सहयोग की सादर कामना करता है।

षुभकामनाओं के साथ

प्राचार्य
बहरागोड़ा महाविद्यालय
बहरागोड़ा